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कमलनाथ के शपथ ग्रहण समारोह में पहुंचे पूर्व सीएम शिवराज सिंह, कांग्रेस नेताओं ने स्वागत कर मंच पर बैठाया

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भोपाल. मध्यप्रदेश में कमलनाथ के शपथ ग्रहण समारोह में कई पार्टी के दिग्गज नेता पहुंचे। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, पूर्व सीएम बाबूलाल गौर और कैलाश जोशी भी मंच पर मौजूद थे। कमलनाथ ने मध्य प्रदेश के 18वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी पहुंच गए हैं। शपथ ग्रहण समारोह में जाने को लेकर जब शिवराज से पूछा गया था तो उन्होंने कहा था कि आमंत्रण आएगा तो जरूर जाएंगे। इसके अलावा राजस्थान के नए सीएम अशोक गहलोत, उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिका अर्जुन खड़गे, आंध्र प्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू समेत कई नेता मौजूद हैं।
जंबूरी मैदान में कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस नेताओं ने पोस्टर लगाए हैं इन पोस्टरों में कमलनाथ को हनुमान भक्त बताया गया है तो कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को कार्यकर्ताओं ने एक बार फिर से शिवभक्त बताया है। वहीं, पोस्टर में केवल राहुल गांधी और कमलनाथ की फोटो है जबकि ज्योतिरादित्य सिंधिया का फोटो पोस्टर में नहीं लगाया गया है। बता दें कि इससे पहले भी विधानसभा चुनावों के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता राहुल गांधी के शिवभक्त होने के पोस्टर लगा चुके हैं।

शपथ ग्रहण समारोह से पहले बसपा प्रमुख मायावती और सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने राहुल गांधी को बड़ा झटका दिया है। लोकसभा चुनाव से पहले देश में जिस महागठबंधन को लेकर चर्चा हो रही है उस तैयारी को यूपी के इन दोनों नेता ने झटका दिया है। मायावती और अखिलेश यादव तीनों राज्यों में होने वाले शपथ ग्रहण समारोह में शामिल नहीं होंगे। माना जा रहा था कि राहुल गांधी इस शपथ ग्रहण समारोह के माध्यम से देश को विपक्ष की एकजुटता का संदेश देंगे लेकिन ममता बनर्जी के बाद अब मायावती और अखिलेश के इंकार ने राहुल को बड़ा झटका दिया है।
दोनों ही दलों ने कांग्रेस को दिया है समर्थन
बहुजन समाजवादी पार्टी को मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में दो सीटें मिली हैं जबकि समाजवादी पार्टी को केवल एक सीट में जीत दर्ज की है। मध्यप्रदेश में कांग्रेस को पूर्ण बहुमत नहीं मिलने के कारण बसपा और सपा ने समर्थन किया है। सूत्रों का कहना है कि अखिलेश यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में सपा पार्टी के एक मात्र विधायक शपथ ग्रहण समारोह में मौजूद रहेंगे। वहीं, बसपा सुप्रीमो मायावती ने शपथ ग्रहण समारोह में शामिल नहीं होने का कोई कारण नहीं बताया है। बताया जा रहा है कि यूपी के दोनों दिग्गज नेता महागठबंधन से पहले सीटों के बंटवारे को लेकर कांग्रेस पर रणनीतिक दबाव बना रहे हैं।