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यू-ट्यूब पर देखा अमीर बनने का सपना और घर से पैसे कमाने निकल गईं 9वीं-10वी की दो सहेलियां

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बिलासपुर. यूट्यूब पर नौकरी का विज्ञापन देखकर २ स्कूली छात्राएं परिजनों को बताए बिना घर से भाग गई। किशोरियों की पतासाजी करने निकली पुलिस ने रायपुर के मौदहा पारा स्थित एक लॉज से उस वक्त बरामद किया जब वे अमीर बनने के लिए हैदराबाद जाने की तैयारी कर रही थीं। रायपुर से लाकर इन किशोरियों को परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है।
सरकंडा पुलिस के अनुसार सरकंडा क्षेत्र में रहने वाली कक्षा दस में पढऩे वाली १७ वर्षीय किशोरी व नवमी में पढऩे वाली एक अन्य किशोरी मंगलवार स्कूल जाने के लिए सुबह साढ़े ११ बजे घर से निकली थी लेकि न वापस नहीं आई। किशोरियों का कहीं पता नहीं लगने पर परिजनों ने सूचना थाने में दर्ज कराई। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ धारा ३६३ के तहत अपराध दर्ज किया।
परिजनों ने पुलिस को बताया कि किशोरियां घर से २-२ हजार रुपए लेकर निकली हैं और उनके पास मोबाइल है। सरकण्डा पुलिस ने साइबर सेल से किशोरियों का मोबाइल लोकेशन ट्रेस किया, जिसमें लोकेशन रायपुर के मोहदा पारा स्थित एक लॉज में मिला। सरकण्डा पुलिस ने मौहदा पारा थाने को सूचना देकर किशोरियों को बरामद करने कहा। पुलिस ने लॉज से दोनों किशोरियों को बरामद किया। सरकण्डा पुलिस किशोरियों के परिजनों के साथ रायपुर पहुंचकर किशोरियों को बरामद किया।
पैसे कमाने के फेर में जाने वाली थी हैदारबाद
किशोरियों ने पुलिस को बताया कि अर्धवार्षिक परीक्षा में उनके कम नंबर आने के बाद से दोनों परेशान थी। दोनों ने यू ट्यूब पर हैदराबाद की एक कंपनी का विज्ञापन देखा था, जिसमें बिना योग्यता के मल्टीनेशनल कंपनी में काम मिलने व मोटी तनख्वाह मिलने की जानकारी दी गई थी। दोनों ने पैसे कमाने के फेर में घर से भागने की योजना बनाई थी। दोनों ने अपने-अपने घरों से २-२ हजार रुपए चोरी किए और एक जोड़ी कपड़ा स्कूल बैग में रखकर स्कूल जाने निकली। वहां से सीधे रेलवे स्टेशन और फिर रायपुर चली गयी थी। रायपुर से ट्रेन से हैदाराबद जाने की तैयारी में थीं। सीडब्ल्यूडी में किशोरियों का बयान दर्ज कराने के बाद पुलिस ने उन्हें परिजनों के सुपुर्द कर दिया है।
किशोरियों ने पुलिस को बताया कि अर्धवार्षिक परीक्षा में उनके कम नंबर आने के बाद से दोनों परेशान थी। दोनों ने यू ट्यूब पर हैदराबाद की एक कंपनी का विज्ञापन देखा था, जिसमें बिना योग्यता के मल्टीनेशनल कंपनी में काम मिलने व मोटी तनख्वाह मिलने की जानकारी दी गई थी। दोनों ने पैसे कमाने के फेर में घर से भागने की योजना बनाई थी। दोनों ने अपने-अपने घरों से २-२ हजार रुपए चोरी किए और एक जोड़ी कपड़ा स्कूल बैग में रखकर स्कूल जाने निकली। वहां से सीधे रेलवे स्टेशन और फिर रायपुर चली गयी थी। रायपुर से ट्रेन से हैदाराबद जाने की तैयारी में थीं। सीडब्ल्यूडी में किशोरियों का बयान दर्ज कराने के बाद पुलिस ने उन्हें परिजनों के सुपुर्द कर दिया है।
लोक लुभावन से बचें किशोर-युवा
युवा और नाबालिग बच्चों को झांसा देना आसान है। रोजगार और बिना किसी क्वालीफिकेशन के नौकरी देने वाले हमेशा नाबालिगों को गलत रास्ते में ढकेल देते हैं। युवा और नाबालिग बच्चों को कहीं भी जाने से पहले परिजनों से राय लेनी चाहिए। साथ ही परिजनों को भी बच्चों के भविष्य को लेकर काउंसिलिंग करानी चाहिए। एेसे लोगों से बच्चों को मुखातिब कराना चाहिए जो कॅरियर गाइडेंस दे सकें। नाबालिग और युवतियों को किसी भी कंपनी के लोक लुभावने विज्ञापन या प्रस्ताव पर भरोसा नहीं करना चाहिए जो उन्हें परिवार के सदस्यों से दूर ले जाता है। खास कर परिजनों को अपने बच्चों को सुविधाएं कम देनी चाहिए ताकि उन्हें जरूरत की चीजों को पूरा करने के लिए बाहर जाना न पड़े। १४ से १७ साल की बालिकाओं पर परिजनों को विशेष ध्यान रखना चाहिए।