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विधायक जीजा ने बिना टोल राशि लिए 12 डंपर निकालने के लिए लिखा पत्र, साले ने दिखाई ऐसी दबंगई

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शिवपुरी। जब जीजा विधायक हो तो साले का रुतबा कम कैसे होगा। मामला बीती रात गुना-शिवपुरी के बीच पूरनखेड़ी टोल प्लाजा का है। यहां टोल के मैनेजर सहित अन्य कर्मचारियों के साथ कोलारस विधायक के साले के पुत्र ने जमकर मारपीट की थी।
मंगलवार सुबह इस मामले में नया मोड़ तब आ गया, जब टोल प्लाजा के मैनेजर एमएस तोमर ने कोलारस विधायक वीरेन्द्र रघुवंशी के नाम का एक पत्र सार्वजनिक किया। टोल प्लाजा को 29 दिसंबर को पत्र लिखा गया था। इसमें टोल चुकाए बिना 12 डंपरों को फ्री निकाले जाने को कहा गया था, लेकिन उनके पत्र के मुताबिक डंपरों से टोल राशि ली जाती रही तो विधायक नाराज हो गए। इसी के चलते बीती रात टोल पर जानबूझकर डंपर को पहले रोककर रखा और बाद में मौके पर आए विधायक के साले राजू के पुत्र गोलू रघुवंशी और साथियों ने मिलकर टोल मैनेजर और कर्मचारियों के साथ मारपीट की। इस मामले में पुलिस प्रशासन कोलारस विधायक के रिश्तेदार सहित 12 लोगों पर मामला दर्ज किया है।
पत्र में लिखे 12 में से 9 डंपर विधायक के नाम
कोलारस विधायक के पत्र में जिन 12 डंपरों के नंबरों को उल्लेख है, उनमें से 9 डंपर खुद विधायक के नाम पर दर्ज हैं। जब इस बारे में विधायक से बात की गई तो उनका कहना था कि वे जनप्रतिनिधि हैं। जनता के लिए किसी को भी पत्र लिख सकते हैं। उन्होंने पत्र लिखकर कोई गलती नहीं की, बल्कि जिसे भी आवश्यकता हो, वे उसके लिए पत्र लिख सकते हैं। यह बात अलग है कि पत्र जिस संबंध में लिखा जाए, वह काम नियम में आता है या नहीं। यदि नियम में आता है तो बात मानी जाए। मैं पत्र की बात मानने के लिए किसी को बाध्य नहीं करता। जब उनसे पूछा गया कि पत्र में जिन डंपरों के नंबर लिखे हैं, उनमें से 9 आपके नाम हैं तो उनका कहना था कि कोलारस विधानसभा में 6 हजार सजातीय हैं। मैं तो पत्र आगे भी लिखूंगा।
पहले भी साले का विवाह हो चुका है यातायात पुलिसकर्मियों से
इससे पहले भी विधायक वीरेन्द्र रघुवंशी के साले राजू रघुवंशी का शिवपुरी में कुछ साल पहले यातायात विभाग द्वारा एक बाइक को रोका गया था। इसके बाद उनके साले वहां पहुंचे थे। उनका विवाद यातायात प्रभारी सहित यातायात कर्मियों से भी मारपीट कर दी थी। मामला थाने तक पहुंचा और उसके बाद किसी तरह से मामले में आला अधिकारियों को हस्तक्षेप तक करना पड़ा था।
जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव को लेकर भी विवादों में रहे थे विधायक
जिला पंचायत के अध्यक्ष के 2010-11 के चुनाव के दौरान भी विधायक वीरेन्द्र रघुवंशी का चुनाव को लेकर अधिकारियों से विवाद हो गया था। एक अधिकारी के स्टार तक विधायक और उनके रिश्तेदारों के द्वारा खींच दिए गए थे। इसके बाद पुलिस अधिकारियों की शिकायत के बाद केस दर्ज कर लिया गया था।
कलेक्ट्रेट में तोड़फोड़ को लेकर भी हो चुका है केस दर्ज
विधायक वीरेन्द्र रघुवंशी पर फक्कड़ कॉलोनी के आंदोलन के दौरान उग्र भीड़ ने कलेक्ट्रेट डाइस सहित सभाकक्ष के कांच तक फोड़ दिए थे। इसके चलते विधायक वीरेन्द्र रघुवंशी सहित अन्य कांग्रेस नेताओं पर तत्समय केस दर्ज किया गया था। उसके बाद इनके द्वारा गिरफ्तारी भी दी गई थी। जमानत पर इन्हें रिहा किया गया था।
चुनाव के दौरान भी पुलिस अधिकारियों से उलझे थे विधायक
हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान जब रघुवंशी केालारस से प्रत्याशी थे, उस दौरान अवैध वाहन व कुछ अन्य शिकायतों के बाद जब पुलिस अधिकारियों ने रघुवंशी के ठिकाने पर छापा मारा तो रघुवंशी पुलिस अधिकारियों से मौके पर उलझ गए और उनका जमकर चुनाव ड्यूटी के दौरान वहां पहुंच पुलिस अधिकारियों से विवाद भी हुआ था। उन्हें देखने की भी चेतावनी दी थी।
तत्कालीन भाजपा प्रदेश अध्यक्ष चौहान का भी हुआ था टोल पर विवाद
टोल प्लाजा पर हो रहे हैं। आए दिन झगड़े होते रहते हैं। तत्कालीन भाजपा प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार चौहान का भी टोल पर टोल मांगने को लेकर कर्मचारियों से विवाद हो गया था। इसके बाद खुद चौहान व उनके गनरों ने जमकर टोल पर तैनात कर्मचारियों की मारपीट की थी। यह घटना सीसीटीवी कैमरे में तक कैद हो गई थी।