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लोकसभा चुनाव का आधा सफर पूरा, क्या कहते हैं अब तक के वोटिंग ट्रेंड

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लोकसभा चुनाव 2019 में तीन चरणों में कुल 302 सीटों पर मतदान के साथ आधा से ज्यादा चुनाव का सफर पूरा हो गया है. मंगलवार को तीसरे चरण में 117 सीटों पर करीब 66.4 फीसदी मतदान हुए. इस बार को लोकसभा चुनाव में वोटिंग ट्रेंड को राजनीतिक दल अपने-अपने नफा और नुकसान के नजरिए से देख रहे हैं.

लोकसभा चुनाव के तीसरे चरण में 117 सीटों पर मतदान पूरा हो गया. तीसरे चरण में करीब 66.4 फीसदी मतदान हुए. जबकि 2014 के लोकसभा चुनाव में इन सीटों पर 70.11 फीसदी वोटिंग हुई थी. इस तरह से करीब 4 फीसदी कम वोट पड़े हैं. पिछले तीन चरणों में कुल 302 सीटों पर मतदान के साथ आधा से ज्यादा चुनाव का सफर पूरा हो गया है. इस बार को लोकसभा चुनाव में वोटिंग ट्रेंड को राजनीतिक दल अपने-अपने नफा और नुकसान के नजरिए से देख रहे हैं. लेकिन मतदाताओं की खामोशी उन्हें बेचैन कर रही है.

तीसरे चरण में सबसे ज्यादा वोटिंग असम में 80.75 फीसदी हुई है. जबकि सबसे कम जम्मू-कश्मीर में 12.86 फीसदी मतदान हुआ है. उत्तर प्रदेश की 10 सीटों पर 61.40 फीसदी मतदान रहा, जो कि 2014 की तुलना में 0.4 फीसदी कम रहा. तीसरे चरण के चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के गृह राज्य गुजरात की सभी 26 सीटों पर 63.73 फीसदी वोटिंग हुई.

इसके अलावा केरल की सभी 20 सीटों पर 73.69 फीसदी वोट पड़े हैं. इसी के साथ बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव और शरद यादव सहित कई दिग्गजों के किस्मत का फैसला EVM में कैद हो गया है.

लोकसभा चुनाव के तीसरे चरण में 117 सीटों पर 66.44 फीसदी वोटिंग हुई है. इन सीटों पर 2014 में 70.11 फीसदी और 2009 में 61.8 फीसदी मतदान हुआ था. वोटिंग ट्रेंड को देखें तो 2014 में वोट फीसदी मे बढोत्तरी हुई तो वहीं 2019 में कमी आई है. 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी के पास 63, कांग्रेस के पास 16, बीजेडी के पास 6, सीपीएम के पास 8, एनसीपी 4, सपा के पास 3, आरजेडी के पास 2 और अन्य के पास 15 सीटें थी. 2009 के नतीजे को देखें तो बीजेपी के पास 44, कांग्रेस के पास 38, बीजेडी के पास 5, सीपीएम के पास 6 एनसीपी के पास 3 और अन्य के पास 21 सीटें थी.

बता दें कि देश की कुल 543 लोकसभा सीटों के लिए सात चरण में चुनाव हो रहे हैं. इनमें से तीन चरण का चुनाव पूरा हो चुका है. इसी के साथ 302 सीटों पर वोटिंग हो चुकी है. पहले चरण की 91, दूसरे चरण की 95 और तीसरे चरण की 117 सीटों पर वोटिंग हुई है. इनमें जम्मू-कश्मीर की अनंतनाग सीट भी शामिल हैं, जहां तीन चरण में चुनाव होने हैं.

लोकसभा चुनाव के लिए 11 अप्रैल को पहले चरण की 20 राज्यों की 91 सीटों पर करीब 60 फीसदी लोगों ने वोट डाला. 2014 में इन्हीं 91 सीटों पर 70.79 फीसदी मतदान हुए थे. ये पिछली बार की तुलना में करीब 10 फीसदी कम है. पहले चरण की जिन 91 लोकसभा सीटों पर वोटिंग हुई. 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी 32 सीटें जीतने में सफल रही थी. जबकि कांग्रेस के पास महज 7 सीटें जीती थी. इसके अलावा 16 सीटें टीडीपी के पास, 11 टीआरएस, 9 सीटें वाईएसआर कांग्रेस, 4 सीटें बीजेडी और 12 सीटें अन्य दलों ने जीती थी. ऐसे में 10 फीसदी कम वोटिंग मोदी के लिए बेचैनी का सबब बनेगी या फिर विपक्ष के लिए एक बार और झटका साबित होगी.

लोकसभा चुनाव के लिए 18अप्रैल को दूसरे चरण के 12 राज्यों की 95 सीटों पर करीब 68 फीसदी लोगों ने मतदान किया था. इन 95 सीटों पर 2014 में 65 फीसदी वोटिंग पड़ी थी. पिछले लोकसभा चुनाव की तुलना में 3 फीसदी अधिक वोट पड़े हैं. जबकि 2009 के चुनाव में 62.49 फीसदी वोट पड़े थे.

दूसरे चरण की जिन 95 लोकसभा सीटों पर वोटिंग हो चुकी है, इन्हीं सीटों पर 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी 27 सीटें जीतने में सफल रही थी. जबकि एनडीए के पास 64 सीटें थी. वही, कांग्रेस के पास महज 12 सीटें जीती थी. इसके अलावा 4 सीटें बीजेडी, 2 सीटें जेडीएस, 2 सीटें आरजेडी, 1 सीटें टीएमसी, एक जेडीयू और 6 सीटें अन्य को मिली थी. वहीं बीजेपी की सहयोगी एआईएडीएमके के पास 36 सीटें और शिवसेना के पास 4 सीटें थी.

लोकसभा चुनाव 2019 में तीन चरण का चुनाव पूरा हो गया है आर चार चरणों में 241 सीटों पर वोटिंग होनी है. इसका मतलब साफ है कि आधे से ज्यादा सीटों पर चुनाव का सफर पूरा हो चुका है. पहले चरण की वोटिंग कम होने के बाद बाकी तीन चरणों में वोटिंग फीसदी में इजाफा हुआ है. 2019 के लोकसभा चुनाव के वोटिंग ट्रेंड में सियासी पार्टियां अपने-अपने पक्ष में बता रही हैं.