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विजय माल्या को भारत भेजे जाने के आदेश के ख़िलाफ़ अपील मंज़ूर

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लंदन स्थित रॉयल कोर्ट्स ऑफ़ जस्टिस ने विजय माल्या को उनके प्रत्यर्पण आदेश के ख़िलाफ़ अपील करने की इजाज़त दे दी है.

अदालत में मौजूद बीबीसी संवाददाता गगन सब्बरवाल ने बताया कि इसका मतलब यह है कि पूरे केस पर फिर से सुनवाई होगी.

अप्रैल में ब्रिटेन के गृह मंत्री साजिद जाविद ने उनके प्रत्यर्पण के आदेश दे दिए थे. इसी आदेश के ख़िलाफ़ विजय माल्या ने पहले लिखित अपील की थी जो अप्रैल में खारिज हो गई थी.

फिर उन्होंने मौखिक सुनवाई के लिए अपील कोर्ट में दाख़िल की थी जिस पर ये फ़ैसला आया है.

ब्रिटेन और भारत की सरकारों के नुमांइदे इस सुनवाई में शामिल नहीं थे. हालांकि उन्होंने अपना लिखित पक्ष भेज दिया था. भारतीय उच्चायोग के कुछ अधिकारी ही कोर्ट में मौजूद थे.

इस बार विजय माल्या ने पांच बिंदुओं के आधार पर अपील दायर की थी. उन्होंने अपील में निष्पक्ष ट्रायल, उनके ख़िलाफ़ हो रहे मीडिया ट्रायल और जेल की परिस्थितियों का हवाला दिया मगर कोर्ट ने इन्हें खारिज कर दिया.

लेकिन उनके ख़िलाफ़ प्रथम दृष्टया केस बनाने के लिए जो सबूत दिए गए हैं, उनके मद्देनज़र उन्हें दोबारा अपील का मौक़ा दिया गया है.

सुनवाई के दौरान विजय माल्या की वकील क्लेयर मोंटगोमेरी ने कोर्ट को बताया, “सीबीआई के अधिकारी अस्थाना गवाहों को धमका रहे हैं कि अगर उन्होंने माल्या के ख़िलाफ़ आरोप नहीं लगाए तो उन पर भी आरोप लगा दिए जाएंगे. राजनीतिक वजहों से विजय माल्या के ख़िलाफ़ मामला बनाया जा रहा है.”

विजय माल्या ने कहा कि उन्हें भारत की सभी आर्थिक मुसीबतों का पर्याय बना दिया गया है और अब ख़तरा है कि उन्हें चूहों वाली कैदियों से खचाखच भरी जेल में रखा जाएगा.

उनका पक्ष था, “अगर मुझे भारत भेजा जाएगा तो मुंबई की ऑर्थर रोड जेल के बैरक नंबर 12 में रखा जाएगा जो यूं तो छह लोगों के लिए होती है लेकिन उसमें सात-आठ कैदी रखे जाते हैं.

जो वकील उस बैरक को देखने गए थे उन्होंने बताया कि वहां असहनीय गर्मी होती है. ना ही वहां पढ़ने के लिए पर्याप्त रोशनी है और पास की झुग्गियों से शोर वहां आता रहता है. चूहे और कीड़े-मकौड़े सेल में घूमते रहते हैं.”

उन्होंने ये भी कहा कि भारत में राजनीतिक दबाव भी मुक़दमे की निष्पक्षता पर असर डाल सकता है. माल्या के वकीलों का कहना है कि राजनीतिक नेताओं उन्हें जानबूझकर भारत के कर्ज़ के लिए जनता के गुस्से का शिकार बना दिया.

विजय माल्या पर 9000 करोड़ रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग और धोखाधड़ी का आरोप है. वह 2016 से लंदन में है और भारत सरकार उन्हें वापस लाकर उन पर मुकदमा चलाना चाहती है.